यूजीसी बिल के विरोध में प्रदर्शन, नगर मजिस्ट्रेट के आवास पर पहुंचे साधु-संत और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी
बरेली। अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि के नेतृत्व में ट्रस्ट के सदस्यों, करनी सेना, अखिल भारत हिंदू महासभा सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथा उनके शिष्य बटुकों के साथ यूजीसी बिल के विरोध में नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के आवास पर पहुंचे। उल्लेखनीय है कि नगर मजिस्ट्रेट ने यूजीसी बिल के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दिया है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिल को लेकर नाराजगी जताई। अनिल मुनि ने प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप अर्धनग्न अवस्था में कहा कि यूजीसी बिल के लागू होने से स्वर्ण समाज के अधिकारों पर आघात पहुंचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि संसद में छोटे-छोटे विधेयकों पर तीखी बहस होती है, लेकिन इस बिल पर न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष ने खुलकर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक इलाज के लिए विदेश चले जाते हैं, जबकि आम जनता को देश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों को आम लोगों की समस्याओं की चिंता नहीं है। अनिल मुनि ने आरोप लगाया कि स्वर्ण समाज के युवाओं को अच्छे अंक लाने के बावजूद रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। यूजीसी बिल को लेकर उन्होंने इसे काला कानून बताते हुए कहा कि इस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों ने भी कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई।
उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक के नुकसान के डर से किसी भी राजनीतिक दल ने इस बिल का विरोध नहीं किया और न ही सदन में इस पर गंभीर विमर्श हुआ। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे और यूजीसी बिल को वापस लेने की मांग की।

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