Bareilly News: इस्तीफे के बाद डीएम आवास पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, अफसरों संग बैठक; राजनीतिक हलचल तेज
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सोमवार को उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया, जब सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (PCS) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट और यूजीसी के नए कानून के विरोध में दिया। इस्तीफे के साथ ही उनका विरोध प्रदर्शन और पोस्टर के साथ खड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लिया बड़ा फैसला
सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने आवास से निकलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जिलाधिकारी अविनाश सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। इस दौरान किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद वह अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं।
कार्यक्रम के बाद वे अपने कार्यालय पहुंचे और वहां बोर्ड पर अपने नाम के आगे “Resign” लिख दिया। इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद करीब डेढ़ बजे वे अपने आवास पहुंचे।
पोस्टर लेकर किया विरोध, सोशल मीडिया पर साझा की इस्तीफे की पोस्ट
घर पहुंचने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने अपने आवास के बाहर पोस्टर और बैनर लेकर फोटो खिंचवाई। पोस्टरों पर लिखा था—
#UGC Roll Back
काला कानून वापस लो
शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान
भाजपा व ब्राह्मण MP-MLA बॉयकॉट
इसके बाद उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी इन तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर साझा की।
प्रशासन ने मनाने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने सिटी मजिस्ट्रेट
इस्तीफे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। एडीएम सिटी समेत कई PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के आवास पहुंचे और उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने का प्रयास किया। हालांकि अधिकारियों ने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, तमाम प्रयासों के बावजूद अलंकार अग्निहोत्री अपने फैसले पर अड़े रहे।
राजनीतिक हलचल तेज, कई नेता पहुंचे आवास
इसके बाद उनके आवास पर बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम, भाजपा के पूर्व विधायक, ब्राह्मण संगठनों के नेता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि पहुंचे।
मेयर उमेश गौतम ने कहा कि यूजीसी से जुड़े नए कानून में कई खामियां हैं और उसमें सुधार की जरूरत है।
पूर्व सांसद और सपा नेता प्रवीण सिंह ऐरन ने इसे जाति या धर्म से जोड़ने के बजाय प्रशासनिक गरिमा और संविधान का सवाल बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी पर कर्तव्य पालन के दौरान दबाव या अपमान अस्वीकार्य है।
ब्राह्मण जनप्रतिनिधियों पर भी उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश में ब्राह्मण जनप्रतिनिधि जनता की आवाज नहीं उठाते, बल्कि कंपनी के CEO की तरह अपने आकाओं के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
राज्यपाल और मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजा इस्तीफा
सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना इस्तीफा राज्यपाल और मुख्य चुनाव आयुक्त को भेज दिया है। इसके बाद से ही उनके आवास पर ब्राह्मण संगठनों के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा, जिन्होंने खुलकर उनके समर्थन में बयान दिए। समर्थन में एक व्यक्ति के अर्धनग्न प्रदर्शन की भी चर्चा रही।
डीएम आवास पर बैठक
शाम करीब साढ़े छह बजे अलंकार अग्निहोत्री पैदल ही अपने समर्थकों के साथ डीएम आवास पहुंचे। डीएम से मिलने के लिए उनके साथ बार सचिव अंदर गए, जबकि अन्य लोगों को बाहर रोक दिया गया। इसके बाद शाम सात बजे एसएसपी अनुराग आर्य भी डीएम आवास पहुंचे। देर रात तक डीएम आवास पर उच्चस्तरीय बैठक चलती रही, जिसमें एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री
अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं। उन्होंने बीएचयू आईआईटी से बीटेक किया है और प्रशासनिक सेवा में एक तेज-तर्रार अधिकारी के रूप में उनकी पहचान रही है।

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