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Bareilly News: मौलाना शहाबुद्दीन के बयान पर इंजीनियर अनीस अहमद का पलटवार, बोले दिल्ली से आए खजूर के पैकेट दिलवा रहे बयान

Bareilly News: मौलाना शहाबुद्दीन के बयान पर इंजीनियर अनीस अहमद का पलटवार, बोले दिल्ली से आए खजूर के पैकेट दिलवा रहे बयान

 Bareilly News: मौलाना शहाबुद्दीन के बयान पर इंजीनियर अनीस अहमद का पलटवार, बोले दिल्ली से आए खजूर के पैकेट दिलवा रहे बयान



बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन  के बयान पर अब सपा के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने पलटवार किया है। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद ने मौलाना के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह मुस्लिमों को बदनाम कर रहे हैं।

दिल्ली और दूसरे स्थानों से खजूर के जो पैकेट आते हैं उन्हीं के कारण मौलाना शहाबुद्दीन बयान देते हुए अखिलेश यादव की छवि खराब कर रहे हैं। वहीं यह भी कहा कि मौलाना शहाबुद्दीन के अलावा प्रेसवार्ता करने वाला कोई भी उलमा नहीं है, मंच पर मौजूद व्यक्ति पिछले दिनों धोखाधड़ी में जेल से रिहा हुआ और बसपा से जुड़ा हुआ है।

इंजीनियर अनीस अहमद ने कहा कि समाजवादी पार्टी में आजम खान का कद आज भी वही है। कार्यालय और दूसरे स्थानों पर उनके फोटो भी लगे हैं, और वह सपा के फाउंडर सदस्य भी हैं। आगे कहा कि यह भाजपा द्वारा दिलवाए गए खजूर के पैकेट का बयान है, जो बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि दो चरणों में हम बेहतर ढंग से आगे हैं, तीसरे चरण में और भी मजबूत तरह से बढ़त हासिल करेंगे।

रामपुर जैसी सीट को हम एक लाख वोटो से जीत रहे हैं, और मुस्लिम अच्छी तरह से जानता है कि इस चुनाव में वह सिर्फ समाजवादी पार्टी के साथ है। अनीस अहमद खान ने यह बयान मौलाना राजवी के उस बयान पर दिया है जिसमें मौलाना रजवी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता करते हुए आरोप लगाया था कि अखिलेश यादव मुस्लिम हितेषी नहीं हैं, और उनकी वजह से आजम खान समय दूसरे नेता आज जेल में हैं।

आपको बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मंगलवार को आरोप लगाते हुए कहा था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी चुनावी सभा में मुसलमान शब्द का इस्तेमाल करते हुए डर रहे हैं। स्टेज से दाढ़ी टोपी वाले मुसलमान को धक्के देकर नीचे उतारा जा रहा है। मुस्लिम चेहरों को हाशिये पर कर दिया गया है। 22 मुस्लिम बाहुल्य लोकसभा सीटों पर मुसलमान को टिकट न देकर गैर मुसलमानों को टिकट दिया गया है। इसलिए उन्हें वोट देने की अपेक्षा नोटा का बटन दबाए।

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