कुछ घंटों बाद सूर्यदेव इस तरह करेंगे रामलला का 'सूर्य तिलक', पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
कुछ घंटों बाद सूर्यदेव इस तरह करेंगे रामलला का 'सूर्य तिलक', पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
अयोध्या। आज देशभर में रामनवमी मनाई जा रही है। इस बार रामनवमी बहुत ही खास रहेगी। अयोध्या में राम मंदिर बनने और प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार रामनवमी है। आज दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर रामलला का सूर्य तिलक होगा जो सभी के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
अब से कुछ घंटों के बाद रामलला का अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में सूर्य तिलक किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली रामनवमी पर सूर्यदेव अपनी किरणों से रामलला के मस्तक पर तिलक करेंगे। पौराणिक कथा के अनुसार त्रेता युग में भगवान राम का जन्म हुआ था और भगवान राम प्रतिदिन सुबह सूर्यदेव को जल अर्पित करते थे। श्रीराम जन्म से सूर्यवंशी थे और उनके कुल देवता सूर्यदेव हैं। मान्यता है चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दोपहर 12:00 बजे श्रीराम का जन्म हुआ था। उस समय सूर्य अपने पूर्ण प्रभाव में थे। सनातन धर्म के अनुसार उगते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य देने, दर्शन व पूजा करने से बल, तेज व आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही कुंडली में सूर्य की स्थिति भी मजबूत होती है। विशेष दिनों में सूर्यदेव की पूजा दोपहर के समय में ही होती है क्योंकि तब सूर्यदेव अपने पूर्ण प्रभाव में होते हैं।
आज चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन है और इसी के साथ देशभर में राम नवमी का त्योहार भी मनाया जा रहा है। अयोध्या में बने राम मंदिर में पहली बार रामलला का सूर्य अभिषेक किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है। दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर सूर्य की पहली किरण रामलला के मस्तक पर पड़ेगी। सभी को बेसब्री का इंतजार है। सनातन धर्म और ज्योतिष में सूर्य का विशेष स्थान है। सूर्य की पहली किरण से मंदिर का अभिषेक होना बहुत शुभ माना जाता है। सूर्य को ऊर्जा का स्रोत और ग्रहों का राजा माना जाता है। ऐसे में जब देवता अपनी पहली किरण से भगवान का अभिषेक करते हैं तो उसे आराधना में और देवत्व का भाव जाग जाता है। इस परिकल्पना को सूर्य किरण अभिषेक कहा जाता है।
एक टिप्पणी भेजें