सेंट्रल जेल से वायरल हुए आसिफ खान के वीडियो की जांच पूरी
सेंट्रल जेल से वायरल हुए आसिफ खान के वीडियो की जांच पूरी, दो जेलर-डिप्टी जेलर और तीनों वार्डर दोषी
बरेली। सेंट्रल जेल से शूटर आसिफ खान का वीडियो वायरल होने के मामले में डीआईजी जेल ने जांच पूरी कर रिपोर्ट डीजी को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक दोनों जेलर, डिप्टी जेलर व तीन वार्डर लापरवाही के दोषी पाए गए हैं। तीनों वार्डर पहले ही निलंबित हो चुके हैं, बाकी पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। 12 मार्च को सेंट्रल जेल में बंद मेरठ के शूटर आसिफ खान का इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहे दृश्य जेल के अंदर के थे। उस वक्त जेल प्रशासन ने बयान दिया था कि शाहजहांपुर कोर्ट में पेशी के दौरान वीडियो बनाकर वायरल किया गया था। आसिफ शाहजहांपुर में हुए पीडब्ल्यूडी ठेकेदार राकेश यादव हत्याकांड का आरोपी है और अक्सर तारीख पर शाहजहांपुर जाता रहता है। तब जेल अधीक्षक का प्रभार देख रहे जेलर विजय राय की ओर से इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी।
डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने मामले की जांच शुरू की। उसी वक्त जेल वार्डर रविशंकर द्विवेदी, हंसजीव शर्मा व गोपाल पांडेय को प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया गया था। साथ ही संबंधित बैरक की रखवाली के लिए तकनीकी तौर पर जिम्मेदार डिप्टी जेलर किशन सिंह बल्दिया को लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था। दोनों जेलर विजय कुमार राय व नीरज कुमार से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। सूत्र बताते हैं कि मुरादाबाद क्षेत्र का एक कथित पत्रकार भी आसिफ के साथ बंद रहा था जिसकी बाद में जमानत हो गई थी। लाइव के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग से वीडियो वायरल करने में उसी कथित पत्रकार की भूमिका बताई जा रही है। पुलिस के पास तकनीकी जानकारी आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो किस जगह और किस मोबाइल फोन से वायरल किया गया है।
आसिफ को दूसरी जेल शिफ्ट करने की तैयारी
आसिफ को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की भी तैयारी चल रही है। जेल प्रशासन ने इसकी संस्तुति करके पत्रावली डीएम के पास भेज दी है। डीएम ही इस पर फैसला लेंगे। बताते हैं कि इस घटनाक्रम के कुछ दिन बाद ही बंदी राका की जेल के अंदर की तस्वीरे वायरल होने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इसी जेल में चर्चित डॉन बबलू श्रीवास्तव, उसके साथी मंगे सरदार व अन्य बड़े अपराधी भी बंद हैं। हालांकि, राका जमानत पर छूट चुका है। ऐसे में आसिफ को तत्काल ही हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया।
डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने बताया कि बंदी आसिफ के मामले में जांच पूरी कर ली गई है। इस मामले में उच्चाधिकारी ही आगे की कार्रवाई का निर्णय लेंगे।
अब डीजी जेल लेंगे निर्णय
इन सभी की भूमिका की जांच अब पूरी हो गई है। बताते हैं कि डीआईजी जेल की जांच में दोनों जेलर, एक डिप्टी जेलर व तीनों वार्डर को लापरवाही बरतने का दोषी माना गया है। विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीजी जेल एसएन साबत को भेज दी गई है। कार्रवाई के तरीके को लेकर उन्हीं के स्तर से निर्णय लिया जाएगा।
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद इज्जतनगर पुलिस ने विस्तृत तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल के सहारे मेटा से अनुरोध किया है। प्राथमिक जांच में यह पुष्ट हुआ कि लाइव जेल के अंदर से ही किया गया था। उस वक्त जेल के बाहर आठ लोग इस लाइव चैट से जुड़े थे। इन्हीं में से किसी ने ये वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

एक टिप्पणी भेजें