रमेश गंगवार के फ्लैट से बोरियों में नकदी और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद,
रमेश गंगवार के फ्लैट से बोरियों में नकदी और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद, 500 करोड़ की टैक्स चोरी की आशंका, मोबाइल जब्त
बरेली। सत्य साईं बिल्डर्स के मालिक रमेश गंगवार के ठिकानों से आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को बोरियों में भरी नकदी और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद किए। कागजात की प्राथमिक जांच में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी की आशंका जताई गई है। पड़ताल के बाद बिल्डर के दो करीबी प्रॉपर्टी डीलर प्रियदर्शिनी नगर निवासी सुनील सिंह और राजेंद्र नगर निवासी भानु सिंह गंगवार के घर और कार्यालय पर टीम ने छापा मारा। बरामद कागजात के आधार पर और लिंक खंगाले जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार रमेश गंगवार को आयकर विभाग की टीम ने देहरादून से हिरासत में ले लिया। इसके बाद बरेली लाकर लंबी पूछताछ की, साथ ही उनकी निशानदेही पर उनकी डायरी और कई दस्तावेजों के साथ उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। इसके बाद उनके और उनके परिवार के सदस्यों पर कहीं बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी गई।
बुधवार देर रात को पहुंची आयकर विभाग की टीम गुरुवार को भी ट्यूलिप टावर में डटी रही। सूत्र के मुताबिक टीम ने बुधवार को पीलीभीत बाईपास स्थित ट्यूलिप टावर के ब्लॉक ए स्थित फ्लैट संख्या- 1002 से बोरियों में भरे प्रॉपर्टी के कागजात (रजिस्ट्री, एग्रीमेंट), कई बैंकों के स्टेटमेंट समेत नकदी बरामद कर कब्जे में लिया है। यहां से बरामद कैश और कागजात के आधार पर रमेश के करीबी प्रॉपर्टी डीलर सुनील सिंह और भानु सिंह गंगवार के कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला।
वहां मौजूद लोगों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए। ट्यूलिप टॉवर के निवासियों ने बताया कि टीम पांच गाड़ियों से वहां पहुंची थी। जिस फ्लैट में छापामारी की गई, वह किराए पर है। रमेश गंगवार का ही एक करीबी उसमें रहता हैं। ट्यूलिप टावर के कार्यालय में भी आवाजाही बंद है। रमेश और उनके परिजनों को टीम ने न तो घर से बाहर निकलने दिया, न ही किसी से संपर्क करने दिया।
बताया जा रहा है कि ट्यूलिप टॉवर समेत रमेश गंगवार के कार्यालय से मिले दस्तावेजों में कई बिल्डरों के नाम भी सामने आए हैं। टीम उनकी सूची तैयार कर रही है। इसमें बरेली के अलावा अन्य जिलों और उत्तराखंड के भी बिल्डरों का नाम बताया जा रहा है। शुक्रवार को इनमें से किसी बिल्डर या करीबी के कार्यालय पर टीम छापामारी कर सकती है। इधर, दोनों प्रॉपर्टी डीलरों को बैंक ले जाकर उनके लॉकर खंगाले हैं।
चंद दिन में खड़ा कर लिया साम्राज्य
नवाबगंज क्षेत्र के दलेलनगर का निवासी रमेश गंगवार दस साल पहले शिक्षामित्र था, फिर ठेकेदारी में उतरा। आयकर टीम की जांच में शहर के कई नामचीन ठेकेदार, कारोबारी, व्यापारियों के नामों के भी सामने आने की बात कही जा रही है। आयकर टीम रमेश गंगवार के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से भी पूछताछ करेगी। बिल्डर रमेश गंगवार के ठिकाने से बरामद कागजात की पड़ताल में कई सफेदपोश और नौकरशाहों के काले धन को खपाए जाने की आशंका है। फिलहाल, टीम एक-एक कागजात का बारीकी से अध्ययन कर रही है और इसी आधार पर कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
फोम कारोबारी और कई और बिल्डरों के ठिकानों पर भी हो सकती है जांच
बताया जा रहा है कि रमेश गंगवार को बरेली विकास प्राधिकरण से 200 करोड़ से ज्यादा का काम मिला है। इसके अलावा देहरादून और प्रयागराज में भी सौ-सौ करोड़ की लागत बड़े कामों के ठेके मिले हुए हैं। रमेश गंगवार ने कई बड़े कामों के ठेके अपने पार्टनरों की कंपनी को भी दिलाए हैं। स्मार्ट सिटी के एक ठेकेदार का भी नाम सामने आया है। इसके अलावा पीलीभीत के दो बड़े बिल्डर, शहर के बड़े फोम कारोबारी समेत कुछ और लोगों के खिलाफ भी आयकर की टीम को साक्ष्य मिले हैं। संभावना जताई जा रही है कि आयकर टीम इनके ठिकानों पर भी छानबीन के लिए पहुंच सकती है।

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