जिले में तीन लाख लोगों को नहीं मिलेगा खाद्यान्न, तीन माह में केवाईसी नहीं कराई तो राशनकार्ड होगा निरस्त
बरेली। अब अगर तीन महीने के अंदर राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों ने केवाईसी नहीं कराई तो उनके नाम राशन कार्ड से हटाने की तैयारी की जा रही है, जिसकी वजह से बरेली जिले के करीब तीन लाख लोगों को खाद्यान्न नहीं मिलेगा। शासन के निर्देश पर तीन माह के लिए इन यूनिटों को निलंबित किया गया है। इस दौरान भी केवाईसी नहीं कराने पर राशनकार्ड से संबंधित यूनिटें निरस्त कर दी जाएंगी। वर्ष 2023 में राशन कार्ड में दर्ज लोगों के सत्यापन के लिए शासन ने केवाइसी कराने का निर्देश दिया था। कोटेदारों-लाभार्थियों के विरोध की वजह से यह प्रभावी नहीं हो सका था। जुलाई 2024 में दोबारा इस कवायद को शुरू किया गया। जिसमें जुलाई 2025 तक महज 85 फीसदी लोगों का ही सत्यापन हो सका। जिसके बाद शासन से 31 अगस्त तक केवाईसी कराने के लिए अंतिम मौका दिया गया। इसके बावजूद केवाईसी नहीं कराने वाले लोगों के राशन वितरण पर अस्थायी रोक लगाने के लिए कहा था। माहभर में और चार फीसदी लोगों ने केवाईसी कराई। एक सितंबर को विभागीय पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार अब तक 89 फीसदी लोगों की केवाईसी हो चुकी है। बाकी 11 फीसदी लोगों (यूनिट) को सितंबर में राशन नहीं मिलेगा। हालांकि, वितरण से पूर्व अगर केवाईसी करा लेंगे तो उनको अक्तूबर में खाद्यान्न मिलेगा। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों को लेकर समस्या आ रही है। बुजुर्गों और बच्चों का बायोमेट्रिक डाटा आधार कार्ड से मेल नहीं खाने से भी अड़चन आ रही है। अभी उपभोक्ताओं के पास तीन माह का मौका है। इस बीच सत्यापन करा लेंगे तो राशन वितरण शुरू हो जाएगा। नए निर्देश के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों को राशन दिया जाएगा, पर इससे ज्यादा उम्र के बच्चों की केवाईसी जरूरी है। नए राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक यूनिट का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले में जारी राशनकार्डों का ब्योरा
शहरी क्षेत्र: 2,12,177 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड से संबद्ध हैं 9,32,198 लाभार्थी और 4,909 अंत्योदय कार्ड से संबद्ध हैं 16,066 लाभार्थी।
ग्रामीण क्षेत्र: 4,59,639 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड से संबद्ध हैं 18,88,280 लाभार्थी और 94,778 अंत्योदय कार्ड में दर्ज हैं 2,85,558 लाभार्थी शामिल हैं।

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