Bareilly: दो सौ साल पुराना मकान ढहा, महिला और बच्चे बाल-बाल बचे
बरेली। किला क्षेत्र के मलूकपुर मोहल्ले में मंगलवार तड़के बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बारिश के बीच करीब दो सौ साल पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के वक्त घर के अंदर महिला और दो छोटे बच्चे सो रहे थे। गनीमत रही कि मोहल्ले के लोगों ने उन्हें समय रहते सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि घर का सारा सामान मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
सुबह करीब चार बजे मोहल्ले में तेज आवाज के साथ अशरफ खां का पुराना मकान ढह गया। उस वक्त उनकी पत्नी नाहिद उर्फ हुस्ना अपने दो बच्चों संग अंदर सो रही थीं। घर में भाभी अंजुम भी मौजूद थीं। दीवार और छत गिरने की आवाज सुनते ही पड़ोसी दौड़े और परिवार को बाहर निकाला।
अशरफ खां का कहना है कि मकान कई सालों से जर्जर हालत में था। लगातार बारिश से दीवारें कमजोर हो चुकी थीं और इसी वजह से पूरा ढांचा गिर पड़ा। हादसे में बर्तन, कपड़े और अन्य सामान मलबे में दब गया। परिवार ने करीब ढाई से तीन लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। मलबा हटवाने का काम शुरू कराया गया और हालात का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि मलूकपुर और आसपास के कई मकान बेहद जर्जर हालत में हैं। लगातार बारिश से इन मकानों के गिरने का खतरा और बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत ऐसे मकानों की जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरवाकर बड़ा हादसा रोका जाए।
अचानक हुए हादसे से परिवार सहमा हुआ है, जबकि पूरे मोहल्ले में चिंता और दहशत का माहौल है। मोहल्लेवासियों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।

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