लखीमपुर खीरी में हिरासत में मौत के बाद बवाल, आक्रोशित लोगों ने सड़क पर लगाया जाम
लखीमपुर खीरी में हिरासत में मौत के बाद बवाल, आक्रोशित लोगों ने सड़क पर लगाया जाम
लखीमपुर खीरी। मितौली क्षेत्र में कुछ दिन पहले गला दबाकर पांच साल की बच्ची अंशू की हत्या के मामले में पूछताछ को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने शनिवार सुबह लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर कस्ता चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और पीएसी मौके पर तैनात की गई है। पुलिस अफसर आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। शुक्रवार की शाम मितौली थाना पुलिस ने बच्ची के गांव पकरिया जलालपुर गांव के ही 50 वर्षीय आसाराम को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। आसाराम की मौत होने के बाद पुलिस में खलबली मच गई। थानाध्यक्ष का कहना है कि बच्ची की हत्या में शुक्रवार की शाम चार बजे आसाराम को थाने लाया गया। आसाराम का पेट खराब था, उसको सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। आसाराम के परिजन मितौली थाना परिसर में पुलिस की पिटाई से मौत का होने का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आसाराम की जमकर पिटाई की, जब उसकी मौत हो गई, तब हम लोगों को सूचना दी। रात में ही पुलिस ने शव परिजनों को बीमारी से मौत होने की बात कहते हुए सौंप दिया था। सुबह गांव में तनाव फैल गया। कई थानों की फोर्स पहुंच गई। पुलिस अफसर भी सक्रिय हो गए।
दरअसल, तीन अप्रैल को पकरिया जलालपुर गांव में लापता पांच साल की बच्ची अंशू की गला दबाकर हत्या की गई थी। लापता होने के 26 घंटे के बाद उसका शव घर से महज 100 दूर बरामद हुआ था। इस मामले में ही पुलिस ने आसाराम को हिरासत में लिया था।
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