आरोपी नफीस के ‘रज़ा पैलेस’ पर बुलडोजर की दस्तक, मौलाना तौकीर को शरण देने वाले फरहत का घर सील
बरेली में उपद्रव के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; जखीरा और सैलानी में चला बुलडोजर
बरेली। शहर में बवाल के बाद अब जिला प्रशासन ने आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को जखीरा स्थित डॉ. नफीस के बरातघर ‘रज़ा पैलेस’ पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई से पहले भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। हालांकि देर शाम तक इस बात को लेकर असमंजस बना रहा कि बरातघर को ध्वस्त किया जाएगा या सील किया जाएगा।
किला इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि “हमें सिर्फ मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं, आगे की कार्रवाई का निर्णय आलाधिकारी करेंगे।” जिला प्रशासन और बीडीए के अधिकारी मौके पर डटे रहे।
रज़ा पैलेस की नेम प्लेट ने चौंकाया, लिखा मिला ‘पूर्व पीसीएस अधिकारी’
जब पुलिस टीम रज़ा पैलेस पर पहुंची तो बरातघर के बाहर लगी नेम प्लेट सबका ध्यान खींचने लगी। उस पर मुतवल्ली शोएब बेग और उनके पिता स्व. अथहर बेग (पूर्व पीसीएस अधिकारी) का नाम लिखा था। यह जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
मौलाना तौकीर को शरण देने वाले फरहत का घर सील
इधर, फाइक एन्कलेव में बीडीए की टीम ने मौलाना तौकीर रजा को शरण देने वाले फरहत के घर को सील कर दिया। मौके पर बीडीए के अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रशासनिक आदेशों के तहत की जा रही है।
सैलानी में नगर निगम का बुलडोजर, अतिक्रमण पर चला हथौड़ा
वहीं, सैलानी क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। बुलडोजर की मदद से कई दुकानों और मकानों के बाहर बने अतिक्रमण को हटाया गया।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। टीम ने स्पष्ट किया कि “इस कार्रवाई का बवाल प्रकरण से कोई संबंध नहीं है, यह नियमित अतिक्रमण अभियान का हिस्सा है।”
इन कार्रवाइयों से शहरभर में खलबली मच गई है। लोग प्रशासन की सख्ती को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।


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