Bareilly: डॉ. नफीस और बेटा जेल भेजे गए, बरेली बवाल में अब तक 81 उपद्रवी सलाखों के पीछे
बरेली। जुमे की नमाज के बाद भड़के बरेली बवाल पर प्रशासन लगातार शिकंजा कस रहा है। शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस और उनके बेटे को जेल भेज दिया। दोनों पर बवाल की साजिश रचने और भीड़ को भड़काने के आरोप हैं। इनके साथ ही आठ उपद्रवियों को अदालत के आदेश पर जेल भेजा गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि डॉ. नफीस का सीधा संबंध मौलाना तौकीर रजा से है और बवाल के दौरान सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिये भीड़ को उकसाने में वह और उनका बेटा सक्रिय थे। इसी आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं, बुधवार को सुबह शाहजहांपुर निवासी इदरीस और इकबाल की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी और मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि दोनों पर कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज थे और ये बरेली बवाल में भी शामिल थे।
अब तक 81 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के स्थानीय पदाधिकारी, अपराधी प्रवृत्ति के लोग और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि निर्दोषों को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन हिंसा में शामिल किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
एसपी सिटी मानुष परिक ने कहा कि बरेली में कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस वीडियो फुटेज, वायरल पोस्ट और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर और गिरफ्तारी करेगी।
कार्रवाई की आंच मौलाना तौकीर रजा तक पहुंच रही है। उनके रिश्तेदारों और करीबियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चल चुका है और अब उनका करीबी डॉ. नफीस व उसका बेटा जेल भेजा गया है। प्रशासन का दावा है कि हिंसा की साजिश रचने वालों की पूरी चेन उजागर की जाएगी।
बरेली में भारी पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन से की जा रही है। इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
बरेली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। डॉ. नफीस और उनके बेटे की गिरफ्तारी ने बवाल की जांच को नया मोड़ दे दिया है।

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