पुलिस का बड़ा खुलासा: बाहर से बुलाए गए थे उपद्रवी, हजियापुर में बांटे गए थे असलहे
बरेली। हाल ही में बरेली में हुए बवाल पर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि दंगे को अंजाम देने के लिए बाहर के उपद्रवियों को बाकायदा बुलाया गया था। भीड़ में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी उपद्रवी भी शामिल थे, जिन्होंने न केवल माहौल बिगाड़ा बल्कि पुलिस पर फायरिंग भी की। पुलिस ने ऐसे कई चेहरों की पहचान कर ली है और जल्द ही उनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि लोकल इंटेलिजेंस, एसओजी और पुलिस टीमों की रिपोर्ट से यह तथ्य स्पष्ट हो गया है कि उपद्रवियों की भीड़ में दूसरे जनपदों के लोग भी शामिल थे। उन्हें विशेष तौर पर इस उपद्रव के लिए बुलाया गया था। सर्विलांस टीम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो बाहरी उपद्रवियों को पकड़ने के लिए दूसरे जिलों की पुलिस की मदद भी ली जाएगी।
हजियापुर में बांटे गए थे असलहे
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। घटना से एक रात पहले ही हजियापुर में उपद्रवियों को तमंचे, चाकू और अन्य हथियार बांटे गए थे। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में यह तथ्य स्पष्ट हुआ है। उन्हें बाकायदा निर्देशित किया गया था कि अगले दिन शहर में फसाद फैलाना है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी और हथियार सप्लाई करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
सभी आरोपित होंगे बेनकाब
एसएसपी ने कहा कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। बाहर से आए लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हिंसा फैलाने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस की सख्ती से अब उपद्रवियों को कानून के शिकंजे से बच निकलना आसान नहीं होगा।
प्रशासन की सख्ती जारी
बरेली हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। एक ओर उपद्रवियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई चल रही है तो दूसरी ओर दंगा फैलाने वालों और उनके करीबियों की अवैध संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हों, उन्हें हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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