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काशी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात खोजी कुत्ते को हुई स्पोर्ट्स इंजरी, आईवीआरआई में होगी सर्जरी

काशी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात खोजी कुत्ते को हुई स्पोर्ट्स इंजरी, आईवीआरआई में होगी सर्जरी


बरेली। वाराणसी के बाबा विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात खोजी कुत्ते गर्थ के पिछले बाएं पैर के घुटने में गंभीर स्पोर्ट्स इंजरी हुई है। बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आईवीआरआई) में उसकी सर्जरी होगी। इसके लिए गुजरात से विशेष बायो फाइबर टेप मंगाया गया है। आईवीआरआई रेफरल पॉलीक्लीनिक के वैज्ञानिक डॉ. रोहित के मुताबिक, 21 अगस्त को गर्थ को यहां लाया गया था। एक्सरे कराने पर तकलीफ का पता नहीं चला। एमआरआई कराने पर घुटने में क्रूसेड लिगामेंट इंजरी का पता चला। इसीलिए व्यायाम या दौड़ने में बेहद दर्द होने पर वह घुटना उठाकर चल रहा है। चिकित्सकों ने सर्जरी कर बायो फाइबर टेप लगाने का निर्णय लिया है। टेप संस्थान में उपलब्ध न होने पर गुजरात की एक कंपनी को ऑर्डर दिया गया है। उसने सप्ताह भर में उपलब्ध कराने की बात कही है। तब तक के लिए प्राथमिक उपचार का तरीका बताकर बुधवार को गर्थ को वाराणसी भेज दिया गया। अगले माह उसकी सर्जरी होगी।

बाबा विश्वनाथ धाम पर तैनात बम निरोधक दस्ते के हेड कांस्टेबल रमाकांत के मुताबिक, लैब्राडोर ब्रीड के सात वर्षीय गर्थ को विस्फोटक सामग्री खोजने के लिए दो बार पुलिस महानिदेशक ने गोल्ड मेडल से नवाजा है। गर्थ जैसी सूंघने की क्षमता प्रदेश के किसी कुत्ते में नहीं है। आईवीआरआई में गर्थ के इलाज के दौरान कांस्टेबल अमित कुमार, ट्रेनर पंकज सिंह साथ रहे।

डॉ. रोहित के मुताबिक क्रूसेड लिगामेंट इंजरी को इंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) इंजरी भी कहते हैं। एसीएल जांघ की हड्डी (फीमर) को पिंडली की हड्डी (टीबिया) से जोड़कर स्थिर रखता है। चोट से लिगामेंट (अस्थिबंद) खिंच या फट जाता है, लेकिन नजर नहीं आता। इससे घुटने में तेज दर्द होता है। दौड़ने, खेलने या व्यायाम करने के दौरान एसीएल इंजरी की आशंका रहती है।

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