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नॉर्थ कोरिया के तानाशाह चलाते हैं 'प्लेजर स्क्वॉड':स्कूलों से चुनी जाती हैं 25 कुंवारी लड़कियां, इनका काम- किम जोंग और उनके साथियों को खुश रखना

नॉर्थ कोरिया के तानाशाह चलाते हैं 'प्लेजर स्क्वॉड':स्कूलों से चुनी जाती हैं 25 कुंवारी लड़कियां, इनका काम- किम जोंग और उनके साथियों को खुश रखना

 नॉर्थ कोरिया के तानाशाह चलाते हैं 'प्लेजर स्क्वॉड':स्कूलों से चुनी जाती हैं 25 कुंवारी लड़कियां, इनका काम- किम जोंग और उनके साथियों को खुश रखना



नॉर्थ कोरिया में प्लेजर स्क्वॉड 1970 से चल रहा है। 

नॉर्थ कोरिया में प्लेजर स्क्वॉड 1970 से चल रहा है।

नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग अपना मन बहलाने के लिए प्लेजर स्क्वॉड नाम का ग्रुप चलाते हैं। इस ग्रुप का काम तानाशाह किम जोंग उन और उसके सहयोगियों का एंटरटेनमेंट करना होता है। हाल ही नॉर्थ कोरिया से भागी महिला योनमी पार्क ने ब्रिटिश मीडिया डेली स्टार को दिए इंटरव्यू में इस स्क्वॉड का खुलासा किया है।

योनमी ने बताया है कि तानाशाह किम जोंग के प्लेजर स्क्वॉड के लिए हर साल 25 कुंवारी लड़कियों का चयन होता है। इन महिलाओं को लुक्स और सरकार के प्रति निष्ठा के आधार पर चुना जाता है।



पार्क ने बताया कि उन्हें भी दो बार इस स्क्वॉड के लिए चुना गया था, लेकिन फैमिली स्टेटस के कारण वे इस ग्रुप में शामिल नहीं हो पाई।

किम की इस स्क्वॉड को चुनने के लिए सरकारी अधिकारी देशभर की स्कूलों के क्लासरूम और यार्ड्स में घूमते हैं। वे ऐसा इसलिए करते है ताकि उनसे कोई सुंदर लड़की छूट न जाएं। एक बार जब उन्हें महिलाएं मिल जाती है तो वे लड़की के फैमिली बैकग्राउंड चेक करते हैं।

वे ऐसी लड़कियों को इस स्क्वॉड में शामिल नहीं करते हैं, जिनके परिवार का कोई नॉर्थ कोरिया से भाग गया हो, या जिसके साउथ कोरिया में रिश्तेदार हैं।

सरकारी अधिकारी देशभर की स्कूलों में जाकर प्लेजर स्क्वॉड के लिए लड़कियों को ढूंढते हैं।

सरकारी अधिकारी देशभर की स्कूलों में जाकर प्लेजर स्क्वॉड के लिए लड़कियों को ढूंढते हैं।

चेहरे पर धब्बे–तिल होने पर रिजेक्ट होती हैं लड़कियां

योनमी ने बताया कि पहले स्टेज में लड़कियों को चुनने के बाद उनका मेडिकल चेकअप किया जाता है। अगर लड़कियों के शरीर पर दब्बे, तिल जैसी खामियां होती हैं तो उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है। इतनी चेकिंग के बाद सिर्फ कुछ चुनिंदा लड़कियां बचती हैं, जिन्हें राजधानी प्योंगयांग भेजा जाता है।

एक बार अगर इस स्क्वॉड के लिए किसी लड़की को चुन लिया जाता है, तो उनका मकसद सिर्फ तानाशाह और उनके अधिकारियों को खुश करना होता है।

रिपोर्ट के मुताबिक दिवंगत पू्र्व कोरियाई तानाशाह किम जोंग इल का मानना था कि कुंवारी लड़कियों के साथ संबंध बनाने से व्यक्ति ज्यादा सालों तक जीता है। 2011 में 70 वर्ष की उम्र में किम जोंग इल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस स्क्वॉड को भी बनाने का आइडिया किम जोंग इल का था। उन्होंने इस स्क्वॉड को 1970 में शुरू किया था।

किम जोंग इल का मानना था कि अगर वे कुछ सुंदर लड़कियों को उनके पिता के साथ रखेंगे तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा। इसलिए उन्होंने नॉर्थ कोरिया की कई लड़कियों को चुना और किम सुंग के रिसॉर्ट में रखा। किम सुंग अपने बेटे से इतने खुश हुए कि उन्होंने उसे अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल ने इस प्लेजर स्क्वॉड की शुरुआत की थी।

किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल ने इस प्लेजर स्क्वॉड की शुरुआत की थी।

किम के पिता ने बनाई ने बनाई थी अपनी जॉय डिवीजन

1983 में किम जोंग इल ने अपने इस्तेमाल के लिए दूसरी डिवीजन बनाई। पार्क ने कहा कि इतने सालों में इस स्क्वॉड का मेकअप कई बार बदला है। किम सुंग को ट्रेडिशनल महिलाएं पसंद थी। इसलिए उनका अपना समूह था जिसका नाम पोचोंबो इलेक्ट्रॉनिक एनसेंबल था। वहीं किम जोंग-इल का अपना अलग एक मनोरंजन दल था जिसे वांगजासन लाइट म्यूजिक बैंड कहा जाता था।

इनके बॉडी शेप भी बेहद अलग होते थे। किम जोंग इल को ऊंची लड़कियां पसंद नहीं थी। वह ज्यादातर गोल मुंह वाली लड़कियों को पंसद करते थे। वहीं किम जोंग उन वेस्टर्न वुमन्स को पसंद करते हैं। कहा जाता है कि किम जोंग उन की पत्नी भी प्लेजर स्क्वॉड का हिस्सा थी।

तानाशाह के डर से इन लड़कियों के घरवाले भी इन्हें इस काम के लिए भेज देते हैं। इसके बाद जब ये लड़कियां 20 की उम्र में पहुंचती हैं, तो इनकी शादी लीडर्स के बॉडीगार्ड्स के साथ हो जाती है। पार्क बताती हैं कि प्लेजर स्क्वॉड की सदस्यों के लिए यह सम्मान की बात होती है। नॉर्थ कोरिया से भागी पार्क कहती हैं कि किम का परिवार 'पिडोफाइल' है, जो अपने आप को भगवान की तरह समझता है।

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