पुल न बनने पर ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन
पुल न बनने पर ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन
जागेश्वर न्यूज नेटवर्क
बरेली। गुरुवार को पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार व ग्राम पेहना, जरपा मोहनपुर वर्तमान गांव के लोगों ने दामोदर स्वरूप पार्क में एकत्र होकर पुल निर्माण न होने के कारण चुनाव का बहिष्कार करने हेतु मंडल आयुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे। ग्रामीणों व संस्था अध्यक्ष के मुताबिक आयुक्त ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया, आयुक्त ने उन्हें अपनी बात डीएम कार्यालय में जाकर कहने का सुझाव दिया। संस्था अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार ने कहा भाजपा सरकार में प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की तानाशाही चरम सीमा पार कर चुकी है। चुनाव आचार संहिता के तहत जनता के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता। ऐसा कहीं भी संविधान में नहीं है किंतु आचार संहिता लगी हो या ना लगी हो किंतु जनता के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है। एक पुल के लिए 50 गांव 10 सालों से अपनी बात सरकार व प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। 10 साल बीत जाने के बाद भी स्थिति वहीं की वही है। संस्था अध्यक्ष व ग्रामीणों ने ज्ञापन को रजिस्ट्री के माध्यम से आयुक्त को भेजा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में अधिकारी जनता के सेवक नहीं जनता के राजा बनकर बैठे हुए हैं और जनता उनके लिए कुछ नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अब पानी सर के ऊपर से गुजर चुका है। जन क्रांति की आग लोगों के दिलों में सुलग रही है। जनता के क्रोध का ज्वालामुखी कभी भी भड़क सकता है। जिस तरह से तानाशाही की मार जनता झेल रही है। इस पुल की लड़ाई लड़ रहे ग्रामीणों ने कह दिया कि अब किसी भी आश्वासन से समझौता नहीं होगा। जब तक पुल नहीं बनेगा तब तक चुनाव का बहिष्कार रहेगा।
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