बरेली में बवाल: पथराव-फायरिंग में 22 पुलिसकर्मी घायल, 30 आरोपी हिरासत में
मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर जुटी भीड़ हुई बेकाबू, दुकानों-वाहनों में तोड़फोड़, सीएम योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
बरेली। आई लव मोहम्मद के समर्थन में शुक्रवार को इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर जुटी भीड़ अचानक हिंसक हो उठी। मौलाना खुद विरोध स्थल पर नहीं पहुंचे, जिससे समर्थकों में नाराजगी भड़क गई और हालात बिगड़ते चले गए। देखते ही देखते शहर के कई इलाकों में पथराव, फायरिंग और तोड़फोड़ शुरू हो गई। पुलिस और उपद्रवियों के बीच कई घंटों तक झड़प चलती रही।
डीआईजी अजय कुमार साहनी के मुताबिक, इस बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। देर शाम तक स्थिति नियंत्रण में आ गई। पुलिस ने करीब 30 उपद्रवियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
कैसे भड़का बरेली का माहौल
मौलाना तौकीर रजा ने 19 सितंबर को घोषणा की थी कि शुक्रवार को इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा और बाद में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। लेकिन प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी। गुरुवार रात एक पत्र वायरल हुआ, जिसमें आईएमसी की ओर से कार्यक्रम स्थगित करने की सूचना दी गई थी।
शुक्रवार सुबह मौलाना तौकीर ने वीडियो जारी कर इस पत्र को फर्जी करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा। इस बयान के बाद शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे। हालांकि, अपराह्न तीन बजे तक मौलाना खुद मौके पर नहीं पहुंचे। समर्थकों में असंतोष फैल गया और माहौल बिगड़ गया।
नौमहला से खलील तिराहा तक उपद्रव
शुक्रवार दोपहर नौमहला मस्जिद से भीड़ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ी। डीआईजी अजय साहनी और एसपी सिटी मानुष पारीक मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाने की कोशिश की। थोड़ी देर शांति रही, लेकिन खलील स्कूल तिराहा पहुंचते ही भीड़ उग्र हो गई।
यहां उपद्रवियों ने दुकानों के शीशे तोड़े और बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुंचाया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान भगदड़ मच गई और लोग सड़कों पर इधर-उधर भागने लगे।
श्यामगंज में पथराव और फायरिंग
श्यामगंज में हालात सबसे ज्यादा बेकाबू हुए। यहां भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कुछ उपद्रवियों ने फायरिंग तक कर दी। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
नावल्टी चौराहे पर भी उग्र भीड़ से निपटने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। एसएसपी ने खुद माइक संभालकर लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने घर चले जाएं और शांति बनाए रखें।
पुलिस का दावा: साजिशन भड़काया गया बवाल
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि शुरुआती जांच से इस घटना में एक सुनियोजित साजिश की आशंका है। जिस तरह से भीड़ बैनर लेकर निकली और संगठित तरीके से पथराव व तोड़फोड़ की गई, उससे लगता है कि पहले से तैयारी की गई थी।
उन्होंने बताया कि घटना की वीडियो फुटेज और तस्वीरें जुटाई जा रही हैं। इनके आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 30 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है।
सीएम योगी सख्त, उपद्रवियों की संपत्तियां होंगी जब्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली की घटना समेत प्रदेश के कई जिलों में हुई अराजकता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने पुलिस-प्रशासन को निर्देश दिया कि उपद्रवियों की पहचान कर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और उनकी संपत्तियों की जांच कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई हो जिससे उपद्रवी दोबारा गलती करने से पहले सौ बार सोचें।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा तनाव
बवाल का असर शहर के कई हिस्सों में देखने को मिला। बिहारीपुर, खलील स्कूल तिराहा, श्यामगंज, नावल्टी चौराहा, कुतुबखाना, इस्लामिया मार्केट, मैलानी मार्केट, कोहाड़ापौर, आलमगिरीगंज, बांस भांडी, सिविल लाइंस, साहूकारा और पुराना बस अड्डा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं
पुलिसकर्मियों के अलावा स्थानीय लोगों के घायल होने की भी आशंका है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। घटनास्थलों से टूटी दुकानों के शीशे, बिखरे जूते और पत्थरों के ढेर माहौल की भयावहता बयान कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि हालात पूरी तरह काबू में हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। सोशल मीडिया की निगरानी भी कड़ी कर दी गई है ताकि अफवाहों पर रोक लग सके।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अपील की है कि लोग शांति और सद्भाव बनाए रखें और किसी भी भ्रामक खबर पर ध्यान न दें। उधर, राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना की गूंज सुनाई दी है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि सरकारें लाठीचार्ज से नहीं, बल्कि सौहार्द और सद्भाव से चलती हैं।




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