कोर्ट परिसर में हाईवोल्टेज ड्रामा, वकील और बाबू आमने-सामने, मुकदमा दर्ज
बरेली। जिला अदालत परिसर में शुक्रवार को अधिवक्ता और बाबू के बीच हुए विवाद ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। मामला धक्का-मुक्की से बढ़कर मारपीट, लूट और हत्या की कोशिश जैसी गंभीर धाराओं तक पहुंच गया। कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुभाषनगर निवासी अधिवक्ता हरीश आजाद का आरोप है कि वह एक पुराने मामले की पत्रावली देखने कक्ष संख्या तीन में पहुंचे थे। काफी समय से फाइल न मिलने पर आपत्ति जताई तो बाबू संजय कुमार समेत तीन लोगों ने उन्हें गिराकर पीटा और जातिसूचक शब्द कहे। वकीलों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
वहीं, बाबू संजय कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि अधिवक्ता हरीश आजाद छह साथियों के साथ जबरन कार्यालय में घुस गए और फाइलें देखने लगे। विरोध करने पर दरवाजा बंद कर गला दबाया और पत्रावलियां लूट ले गए। इस दौरान सहयोगी रजत कुमार से भी मारपीट हुई। बार एसोसिएशन ने बाबू की तहरीर को मनगढ़ंत बताया। सचिव दीपक पांडेय ने कहा कि हत्या की कोशिश और लूट जैसे गंभीर आरोपों की कहानी गढ़ी गई है। नियमानुसार बाबू को अधिवक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले जिला जज को अवगत कराना चाहिए था, लेकिन सीधे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराना नियमविरुद्ध है।
शनिवार को पूरे दिन कोर्ट परिसर में इस घटना को लेकर खलबली रही। बार अध्यक्ष मनोज कुमार हरित और सचिव ने चेताया कि अब अदालतों में बाहरी तत्वों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

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