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अवैध संबंधों का विरोध करने पर कंपाउंडर संग की थी डॉक्टर ने पत्नी की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

अवैध संबंधों का विरोध करने पर कंपाउंडर संग की थी डॉक्टर ने पत्नी की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

 अवैध संबंधों का विरोध करने पर कंपाउंडर संग की थी डॉक्टर ने पत्नी की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा 

बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली विवाहिता सीमा की मौत किसी हादसे में नहीं हुई थी। बल्कि पति डॉ. अखिलेश ने अपने कंपाउंडर साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। कई महिलाओं से अवैध संबंध होने की जानकारी सीमा को लग गई थी, उसके विरोध को देखकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली गई। पुलिस ने घटना का खुलासा कर अखिलेश को जेल भेज दिया है।

इज्जतनगर थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि 29 मार्च की रात सीमा की मौत एक निजी अस्पताल में हुई थी। पति अखिलेश उसका शव छोड़कर चला गया था। सीमा के पिता महेंद्र सिंह और उनके परिजन अखिलेश को तलाश कर रहे थे। उन्होंने छह अप्रैल को इज्जतनगर थाने में दहेज हत्या की रिपोर्ट कराई। रामेश्वरम कॉलोनी से अखिलेश कुमार को घटना में प्रयुक्त कार, लोहे की रॉड व दो मोबाइल फोन बरामद किए। उसकी निशानदेही पर खून से सनी उसकी शर्ट कलापुर नहर की पुलिया से बरामद की गई। इंस्पेक्टर के मुताबिक, अखिलेश के मोबाइल में कई महिलाओं से चैटिंग व संबंध होने की पुष्टि हुई। अखिलेश ने बताया कि इन नाजायज संबंधों का पत्नी सीमा विरोध करती थी। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से उसने सीमा की हत्या कर दी। लोगों में अफवाह फैलाई कि मानसिक बीमारी के कारण सीमा गिरकर घायल हो गई और वह उसे उपचार को ले गया था। चूंकि अखिलेश डॉक्टर था तो उसने पहले से ही सीमा के मानसिक इलाज के पर्चे बनवा रखे थे और इलाज के नाम पर उसे नशे का इंजेक्शन भी देता रहता था।

अखिलेश ने पुलिस को बताया कि 29 मार्च की रात वह अपने कंपाउंडर विजेंद्र निवासी सहुआ थाना इज्जतनगर को साथ लेकर आया था। उसे अपने बेडरूम में सुला दिया। रात में जब सीमा टहल रही थी तो अखिलेश ने उसे रसोई में ले जाकर फर्श पर पटक दिया और चाकू व इमामदस्ता सिर पर मार दिया। इससे सिर के पिछले हिस्से से काफी खून निकलने लगा। विजेंद्र ने रॉड से उस पर कई वार करके मार दिया। अखिलेश व विजेंद्र के हाथों व मेरी शर्ट और लोअर में काफी खून लग गया था। विजेंद्र के हाथ धुलवाकर सीमा की लाश को मारुति कार में लादकर दोनों निजी अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। फिर अखिलेश ने अपने परिजन बुला लिए। बताया कि घटना के बाद खून से सने चाकू और इमामदस्ता विजेंद्र लेकर चला गया। इन्होंने यह कहानी बनाई कि रसोई में काम के दौरान सीमा गिरी और उसकी मौत हो गई पर शव पर 12 निशान मिलने और सिर की चोट से मामले में हत्या के संकेत पुलिस को मिल गए थे।

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